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Showing posts from December, 2020

shahrukh khan

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                                              शाहरूख खान शाहरूख खान  हिन्‍दी फिल्‍मों के अभिनेता होने के साथ साथ निर्माता और टेलीविजन पर्सनालिटी भी हैं। उन्‍हें लोग प्‍यार से 'बॉलीवुड का बादशाह', 'किंग ऑफ बॉलीवुड', 'किंग खान' और किंग ऑफ़ रोमांस' भी कहते हैं। वे लगभग सभी शैलियों की फिल्‍मों (रोमांस, ड्रामा, कॉमेडी, एक्‍शन) में काम कर चुके हैं। लॉस एंजिलेस टाइम्‍स ने उन्‍हें दुनिया का सबसे बड़ा मूवी स्‍टार बताया है। उनके प्रशंसकों की संख्‍या भारत के साथ साथ विदेशों में भी बहुत ज्‍यादा है। 2014 में एक रिपोर्ट के अनुसार, शाहरूख दुनिया के दूसरे सबसे अमीर एक्‍टर हैं। उनके खाते में 14 फिल्‍मफेयर अवार्ड्स हैं। लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में उनकी वैक्‍स की मूर्ति भी स्‍थापित है। पृष्‍ठभूमि शाहरूख खान का जन्‍म दिल्‍ली में हुआ था। उनके पिता का नाम मीर ताज मोहम्‍मद खान है। उनके पिता पेशावर, पाकिस्‍तान से थे। उनकी मां का नाम लतीफ फातिमा है। उनकी एक बड़ी बहन भी हैं जिनका नाम श...

sher singh RANA

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                       शेर सिंह  राणा                फूलन देवी हत्याकांड में आए फ़ैसले के बाद शेर सिंह राणा एक बार फिर चर्चा में हैं. अदालत ने 38 वर्षीय राणा को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है. राजपूत जाति से ताल्लुक़ रखने वाले उत्तराखंड के रुड़की के निवासी शेरसिंह राणा इससे पहले भी सुर्ख़ियों में रहे हैं. उनके हर कारनामे से नाटकीयता जुड़ी रही. 25 जुलाई 2001 को दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में तत्कालीन सांसद फूलन देवी की हत्या की गई थी. इसके दो दिन बाद शेर सिंह राणा ने देहरादून में आत्मसमर्पण करके इल्ज़ाम अपने सिर लिया. शेर सिंह राणा ने कहा कि उन्होंने फूलन से राजपूतों की हत्याओं का बदला लिया है. हालांकि अपनी किताब 'जेल डायरी' में उन्होंने पुलिस पर जुर्म क़ुबूल करवाने के लिए मजबूर करने का आरोप भी लगाया                           17 फरवरी 2004 को शेर सिंह राणा तिहाड़ जेल से फ़रार हो गए. वो दो साल बाद 17 मई 2006 को कोलकाता में गिरफ़्त...

child labour

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                           बाल मजदूरी  बाल श्रम हमारे देश और समाज के लिए बहुत ही गम्भीर विषय है।  आज समय आ गया है कि  हमें इस विषय पर बात करने के साथ-साथ अपनी नैतिक जिम्मेदारियाँ भी समझनी होगी। बाल मज़दूरी को जड़ से उखाड़ फेंकना हमारे देश के लिए आज एक चुनौती बन चुका है क्योंकि बच्चों के माता-पिता ही बच्चों से कार्य करवाने लगे है। आज हमारे देश में किसी बच्चे  को कठिन कार्य करते हुए देखना आम बात हो गई है। बाल मज़दूरी को बड़े लोगों और माफियाओं ने व्यापार बना लिया है। जिसके कारण दिन-प्रतिदिन हमारे देश में बाल श्रम बढ़ता जा रहा है और बच्चों का बचपन खराब हो रहा है। इस से बच्चों का भविष्य तो खराब होता ही है, साथ में देश में गरीबी फैलती है और देश के विकास में बाधाएँ आती हैं। बाल श्रम भारत के साथ-साथ सभी देशों में गैर कानूनी है। बाल श्रम हमारे समाज के लिए एक कलंक बन चुका है। बाल मज़दूरी की समस्या समय के साथ-साथ बहुत उग्र रूप लेती जा रही है। इस समस्या को अगर समय रहते जड़ से मिटाया नहीं गया, तो इससे पूरे देश ...

i support kisaan andolan

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                               किसान आंदोलन                                   सरकार और किसानों के बीच सुलह का रास्ता क्या है? ये एक ऐसा सवाल है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर बीजेपी के बड़े-बड़े नेता जूझ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से वो वीडियो भी साझा किया जिसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसानों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करते दिख रहे हैं. लेकिन, इन कोशिशों के बावजूद केंद्र सरकार किसान संगठनों के रुख़ में बदलाव नहीं ला पा रही है.        शुक्रवार दोपहर बीबीसी से बात करते हुए किरती किसान संघ के नेता राजिंदर सिंह ने बताया है कि किसान संगठन अपनी बात पर डटे हुए हैं. कितना लंबा चल सकता है किसान-सरकार संघर्ष भारत सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष अपने रुख़ में बदलाव करने के लिए तैया...

HARSHAD MEHTA SCAM 1992 STOCK BROKER

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                              हर्षद मेहता                          ( 29 जुलाई 1954 - 31 दिसंबर 2001 ) हर्षद मेहता  जिसका पूरा नाम हर्षद शांतिलाल मेहता था, अपने समय में शेयर मार्केट का बेताज बादशाह था।   29 जुलाई 1954 को पनेल मोटी , राजकोट गुजरात में हर्षद मेहता का जन्म एक छोटे से बिजनेस मैन परिवार में हुआ। हर्षद मेहता का बचपन मुंबई के कांदि वली में गुजरा। उसके बाद उनका परिवार रायपुर के मौदहापारा गुरूनानक चौक मे आ के बस गया। रायपुर के होली क्रॉस बेरोन बाजार सेकेंडरी स्कूल से उन्होंने स्कूली पढ़ाई की।  बारहवीं पास करने के बाद हर्षद मेहता ने मुबंई के लाजपत राय कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की फिर अगले आठ साल तक छोटी छोटी नौकरियां की। 1976 में बी कॉम पास करने के बाद हर्षद ने पहली नौकरी न्यू इंडिया अश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में बतौर सेल्स पर्सन की और उसी वक़्त उनका इंटरेस्ट शेयर मार्केट की तरफ जागा औऱ उसने नौकरी छोड़ हरिजीवनदास नेमीदास सिक्योरिट...